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ईरान

फारसी अपतट अन्वेषण ब्लॉक,:

20-90 मीटर जल की गहराई के साथ परशियन खाड़ी में 3,500 वर्ग किलोमीटर फैला फारसी, एक अपतट अन्वेषण ब्लॉक है। इस ब्लॉक के लिए संविदा पर 25 दिसम्बर, 2002 को हस्ताक्षर किए गए थे। प्रचालक के रूप में कम्पनी के पास 40 प्रतिशत भागीदारी हित है और शेष भागीदारी हित भारतीय तेल निगम (20 प्रतिशत पीआई) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (20 प्रतिशत पीआई) के पास है। कम्पनी के नेतृत्व में परिसंघ द्वारा गैस की खोज के अनुसरण्ा में इसने दिनांक 23 दिसम्बर, 2007 को नेशनल इरानियन ऑयल कम्पनी (एनआईओसी) को वाणिज्यिकता रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। एनआईओसी निदेशक मंडल ने दिनांक 18 अगस्त, 2008 को फईजद की क्षेत्र की वाणिज्यिकता को अनुमोदित कर दिया। प्रारूप मास्टर विकास योजना (एमडीपी) इरानियन आफशोर ऑयल कम्पनी (आईओओसी) को प्रस्तुत कर दी गई है, जिसे एनआईओसी द्वारा अप्रैल, 2009 में फाईजद 'बी' के विकास के लिए विकसित करने के लिए पदनामित किया गया है। फाईजद 'बी' गैस क्षेत्र के विकास सेवा संविदा पर एनआईओसी/ आईओओसी के साथ परिसंघ की वार्ता चल रही है।

इराक

अन्वेषण ब्लॉक-8,

कम्पनी, पश्चिमी रेगिस्तान, इराक में 10,500 वर्ग किलोमीटर में फैले एक विशाल भूमिगत अन्वेषण ब्लॉक में ब्लॉक-8 की पूर्णरूपेण लाइसेंसधारी है। ब्लॉक के अन्वेषण और विकास संविदा पत्र (ईडीसी) पर 28 नवंबर, 2000 को हस्ताक्षर किए गए थे। 22 अप्रैल, 2001 को इराक सरकार द्वारा संविदा का अनुसमर्थन कर दिया गया था और यह मई, 2001 से प्रभावी हो गया। यद्यपि मौजूदा भूकम्पीय डाटा के अभिलेख, पुन: संसाधन और परिभाषा से संबंधिात कार्य पूरा हो गया था, इराक में अभिभावी परिस्थितियों के कारण कम्पनी ने अप्रैल, 2003 में तेल मंत्रालय, इराक को, फोर्स मेज्योर स्थिति अधिसूचित कर दिया। हाल ही में कम्पनी को सूचित किया गया कि इराक सरकार ने शीघ्र लागू कए जाने वाले नए तेल और गैस कानून के उपबंधों के अनुसार ब्लॉक-8 संविदा पर पुन: वार्ता करने का निर्णय किया है। तदनुसार इराक सरकार के साथ ब्लॉक-8 पर पुन: वार्ता की जा रही है।

सीरिया

अन्वेषण ब्लॉक - XXIV,:

लगभग 3,853 वर्ग किलोमीटर का ब्लॉक-XXIV एक भूमिगत ब्लॉक है। यह सीरिया के केंद्रीय पूर्वी भाग में स्थित है। इसके संविदा पत्र पर 15 जनवरी, 2004 को हस्ताक्षर किए गए थे और 29 मई, 2004 से यह प्रभावी हुआ था। आईपीआर मेडिटेरानीन एक्सप्लोरेशन लिमिटेड (प्रचालक) की शेष 40 प्रतिशत धारिता के साथ ब्लॉक में कम्पनी की 60 प्रतिशत धारिता है। 31 मार्च, 2008 तक की तीन वर्ष की प्राथमिक अन्वेषण अवधि में दो अन्वेषणात्मक कूपों का वेधन किया गया, जो कि सफल नहीं हुआ। तत्पश्चात दो वर्ष के पहले विस्तार के लिए अनुमति मांगी गई, जो कि 29 नवंबर, 2007 से प्रदान कर दी गई थी। प्रथम अन्वेषण विस्तार चरण के दौरान वादी द्वारा क्षेत्र में 3डी भूकम्पीय अर्जन का 349 वर्ग किलोमीटर और एआई वालीद 3डी क्षेत्र का 697 वर्ग किलोमीटर का पुन: संसाधन पूरा कर लिया गया था। मार्च-अप्रैल, 2009 में कूप रशीद का वेधन किया गया था और इसका प्रवाह प्राकृतिक था और सात दिन तक इसका परीक्षण किया गया था। कूप में खोज से उच्च संभावना के साथ आगे अन्वेषण के लिए बड़ा क्षेत्र खुल गया है। सीरियाई पेट्रोलियम कम्पनी से वाणिज्यिक खोज और विकास पट्टे के अनुमोदन के पश्चात इस क्षेत्र के विकास का प्रस्ताव किया गया है।
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Sakhalin Pipeline

स्वास्थ्य सुरक्षा एवं पर्यावरण (एचएसई) नीति


ओएनजीसी विदेश स्वास्थ्य सुरक्षा एवं पर्यावरण प्रबंधन पध्दति और विश्वव्यापी संबंधित प्रचालन कम्पनियां उन सिध्दान्तों को परिभाषित करती हैं, जिनके द्वारा हम सारी दुनिया में अपने प्रचालनों को मूर्त रूप देते हैं। कम्पनी की दीर्घकालीन सफलता के अधिकतम हित के लिए या सर्वाधिक अपने कर्मचारियों, ग्राहकों और ठेकेदारों के स्वास्थ्य के लिए उच्चतम मानकों के साथ-साथ उन समुदायों, जिनमें रहते हैं और कार्य करते हैं, के पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भी इसकी सतत् स्थायी एचएससी प्रतिबध्दता है। व्यापक, अनिवार्य एचएसई दिशानिर्देश विश्वव्यापी मानकों एवं क्रियाविधियों को परिभाषित करते हैं ताकि हम अपनी प्रतिबध्दताओं को पूरा कर सकें।


स्वास्थ्य सुरक्षा एवं पर्यावरण के संबंध में ओएनजीसी की विदेश नीति

 
•   हम, व्यावसायिक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पर्यावरण सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के वास्ते प्रतिबध्द हैं।

•   हम, सभी लागू कानूनों एवं अपेक्षाओं का पालन करेंगे और सर्वाधिक एचएसई मानकों को अपनाएंगे/ बढ़ावा देंगे।

•   हम, संविदा सतर्क रहेंगे और आपात स्थितियों से निपटने के लिए तत्पर रहेंगे तथा उद्योगों और संगत प्राधिकरणों द्वारा बुलाए जाने पर पूरी तरह से सहयोग करेंगे।

•   हम, व्यावसायिक भागीदारों और ठेकेदारों सहित सभी कर्मचारियों को, सुरक्षित निष्पादन और पर्यावरणात्मक सुरक्षा के लिए प्रोत्साहित एवं प्रेरित करेंगे।

•   हम, सर्वोत्ताम स्वास्थ्य सुरक्षा एवं पर्यावरण नीतियों को अपना कर प्रचालनात्मक उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास करेंगे।
 
 
आर.एस. बुटोला
प्रबंध निदेशक

उद्देश्य...
निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति के वास्ते हमारे पास सुपरिभाषित नीति है:

व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन, पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु:

विकास के सभी पहलुओं के प्रबंधन हेतु एचएसई प्रबंधन पध्दति संरचना उपलब्ध कराती है - निम्नलिखित सुनिश्चित करने के लिए एक क्रमबध्द दृष्टिकोण :

•  कानून का पालन करना।
•  प्रदर्शित करना कि सभी जोखिमों के लिए पर्याप्त प्रबंध हैं।
•  एचएसई निष्पादन में सतत् सुधारों को जारी रखना।
•  ओएनजीसी/ ओएनजीसी विदेश और प्रचालन कम्पनियां एचएसई प्रबंध पध्दति।
•  तकनीकी मानक
•  देशीय प्रचालनों के लिए आईएसओ 14001
•  लागू विधायी अपेक्षाएं; विश्व स्तरीय एचएसई प्राप्त करने के लिए समूह अपेक्षा के अनुरूप निष्पादन।

नियम एवं उत्तारदायित्व

दिशानिर्देश 1 : एचएसई प्रबंधन

यह सुनिश्चित करने के लिए एक संरचना स्थापित करता है कि हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरणात्मक सुरक्षा स्तर सारे देश में कार्यान्वित और संचारित किए जाते हैं। ये दिशानिर्देश एचएसई संगठन को रेखांकित करते हैं और संगठन के विभिन्न स्तरों की भूमिकाओं और उत्तारदायित्वों को परिभाषित करते हैं।

दिशानिर्देश 2 : आपातकालीन प्रबंधन

उन अप्रत्याशित घटनाओं के प्रभावी प्रबंधन की कार्यविधि परिभाषित करता है, जो लोगों, पर्यावरण अथवा कम्पनी की सम्पत्तिा और प्रतिष्ठा पर महत्तवपूर्ण रूप से प्रभावित करती है।

दिशानिर्देश 3 : विकास और उत्पादन में एचएसई सुरक्षा

उन दायित्वों, प्रतिष्ठा जोखिमों और पर्यावरणात्मक प्रभावों को न्यूनतम स्वीकार्य स्तर पर रखने हेतु प्रदूषित और अत्यधिक प्रदूषित स्थलों, विश्वव्यापी परिसम्पत्तिायों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे दृष्टिकोण में तालमेल।

दिशानिर्देश 5 : व्यावसायिक स्वास्थ्य

कर्मचारियों एवं अन्यों को रसायनिक, भौतिक, जैविकी और कर्मचारी परिस्थिक खतरों सहित उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक तंत्र उपलब्ध कराता है। दिशानिर्देश, कर्मचारियों और निवासियों के लिए स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रमों के लिए भी प्रोत्साहित करता है।

दिशानिर्देश 6 : अपशिष्ट प्रबंधन

जोखिम वाले और गैर-जोखिम वाले अपशिष्ट की न्यूनतम उत्पत्तिा और यह सुनिश्चित करने के लिए कि शेष अपशिष्ट का उपचार किया जाता है, उसका पर्यावरणात्मक रूप से ठीक ढंग से भण्डारण और निपटान किया जाता है, के लिए दिशानिर्देश परिभाषित करता है।

दिशानिर्देश 7 : तीसरा पक्ष प्रबंधन (लेखापरीक्षा)

इसे सामाजिक और यूएन ग्लोबल कम्पेक्ट के समर्थन में पर्यावरणात्मक मूल्यों में शामिल किया गया है, जिसके लिए तृतीय पक्ष के आपूर्तिकर्ताओं को समर्थन एवं संवर्धन करने के लिए कहा गया है। यह दिशानिर्देश, इन आवश्यकताओं को कार्यान्वित करने और आवश्यक अनुपालनों के लिए अपेक्षित प्रबंधन पध्दतियां भी रेखांकित करता है।

दिशानिर्देश 8 : घटना के बारे में बताना एवं सीखना

त्वरित रिपोर्टिंग सिस्टम द्वारा महत्तवपूर्ण एचएसई दुर्घटनाओं और घटनाओं की रिपोर्र्टिंग निर्धारित करता है। घटना विश्लेषण के साथ उसके वास्तविक कारण का विश्लेषण करते हुए त्वरित रिपोर्टिंग के लिए एक डाटाबेस भी इसमें शामिल करता है।

दिशानिर्देश 9 : व्यवसाय की निरंतरता

जोखिम प्रबंधन संरचना के अभिन्न भाग के रूप में अनिवार्य व्यावसायिक प्रक्रियाओं के सहयोग के लिए अपेक्षित प्रमुख व्यावसायिक कार्यकलापों, प्रक्रियाओं और संसाधनों की अविरत उपलब्धता सुनिश्चित करता है।

भावी मार्ग

ऊर्जा प्रबंधन

ऊर्जा प्रबंधन के लिए मौलिक सिध्दांतों और प्रबंधन कार्यविधियों को परिभाषित करता है - इसमें भूमिकाएं और उत्तारदायित्व, ऊर्जा समीक्षा और ऊर्जा लेखा-परीक्षा, प्रमुख परियोजनाओं में ऊर्जा चुनौती निष्पादन लक्ष्य और रिपोर्टिंग इसके साथ-साथ जागरूकता अभियान और संवर्धन भी शामिल हैं।

भवनों और उपकरणों के लिए ऊर्जा मानक

भवनों और उपकरणों के लिए ऊर्जा दक्षता आवश्यकताओं और संगत ग्रीन हाउस गैस निष्पादन निर्दिष्ट करता है। यह डिजाइन और संरचना, भवन आवरण, उपयोगिताओं, एचवीएसी प्रणालियों, प्रकाश प्रणालियों, मशीनरी और उपकरणों और मोटर वाहनों के लिए सिध्दांतों और मानकों पर आधारित है।

निगमित सामाजिक उत्तारदायित्व

विदेशों में प्रचालनकर्ता के रूप में ओवीएल अपने प्रचालन वाले देशों के समुदायों और अर्थव्यवस्थाओं में योगदान का उत्तारदायित्व समझता है। ओवीएल, आपसी विश्वास और सम्मान के साथ सफल भागीदारी विकसित करके, अंतत: प्रचालन वाले देशों में जीवन स्तर ऊंचा करके और स्थायित्व प्रदान करके एक सकारात्मक और दीर्घकालीन प्रभाव सृजित करने के लिए वचनबध्द है। ओवीएल कई प्रकार से महत्तवपूर्ण योगदान कर रहा है : सरकारों को कर राजस्व द्वारा शिक्षा और प्रशिक्षण में निवेश करके और राष्ट्रिकों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करा कर; स्थानीय समुदायों आदि को चिकित्सा खेल/ कृषि सुविधाएं आदि उपलब्ध करा कर योगदान दे रहा है।

इसके अलावा, कम्पनी के नियंत्रण के तहत सूचना की पहुंच प्रत्येक नागरिक तक सुनिश्चित करके और जवाबदेही में पारदर्शिता लाने के लिए सूचना अधिकार अधिनियम, 2005 की अपेक्षाओं के अनुरूप नई दिल्ली में ओवीएल के पंजीकृत कार्यालय में एक उपयुक्त तंत्र स्थापित किया गया है।

नियम और अधिनियम

पर्यावरण नियम और अधिनियम

•  जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और उसके बाद के संशोधन
•  वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 और बाद के संशोधन
•  पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम और नियमावली, 1986
•  खतरनाक अपशिष्ट (प्रबंधन और निपटान नियमावली), 1989
•  जोखिम वाले रसायनों का निर्माण, भण्डारण और आयात नियमावली, 1989

चौतरफा शोर मानक नियमावली और अधिनियम

•  सार्वजनिक उत्तारदायित्व बीमा अधिनियम, 1991 और बाद के संशोधन
•  राष्ट्रीय चौतरफा वायु गुणवत्ताा मानक, 1994
•  तेल वेधन और गैस कर्षण उद्योग मानक, 1996

सुरक्षा नियमावली एवं अधिनियम

•  तेल खान विनियम, 1984
•  खान अधिनियम, 1972
•  भारतीय विद्युत नियमावली, 1956
•  पेट्रोलियम नियमावली, 1976
•  विस्फोटक नियमावली, 1983
•  कारखाना अधिनियम, 1984
•  तेल उद्योग सुरक्षा निदेशालय (ओआईएसडी) प्रचालन मानक




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